February 5, 2026
jugan

india24x7todaynews नागदा की हजारो वर्ष पूर्व के प्राचीन धरोहर राजा जन्मेजय द्वारा किया गया नागयज्ञ जो आज भी दर्शनार्थियो के लिये महत्वपूर्ण है। यह नागदा का सौभाग्य है कि इस भूमि पर राजा जन्मेजय द्वारा नागो का यज्ञ किया गया था। जबसे इस शहर का नाम नागदा पड़ा। लेकिन हिन्दू धर्म शास्त्रो के हिसाब से इस शहर का नाम नागदाह है। नागदा से दो किलोमीटर की दूरी पर आज भी नागो के यज्ञ की यह टेकरी देखी जा सकती है। आज नागपंचमी के अवसर पर श्री श्री 1008 श्री गोरखनाथ चन्द्र संयुक्त सेवा समिति  नागदा द्वारा उक्त टेकरी पर ढोल ढमाको के साथ पहुंचकर नागदेव की प्रतिमा को पुजन अर्चन एवं प्रसादी वितरण करके ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न किया गया।
इस अवसर पर समिति के कई सदस्यो ने अपना योगदान दिया । समिति के शिवा सिसोदिया, महेश सिसोदिया, जुगन खेरिया, रामचन्द्र, महेन्द्र बागवंशी, त्रिलोक शेर, सुरज शेर, प्रमोद चौहान, सुखराम वर्मा आदि ने संयुक्त रूप से भाग लेकर नागदेव की जयजयकार की।

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