india24x7todaynews।। संपादक राजु गुप्ता।।नगर पालिका नागदा की सफाई व्यवस्था के खिलाफ एक और रोज जनता की आवाज उठ रही है। इधर ,सफाई कर्मियों के लिए एक तुगलकी व्यवस्था जी का जंजाल बन गई। सफाई कर्मी उपस्थिति के नाम पर फुटबॉल बने हुए हैं। रोज वार्डों में सफाई के लिए तो जुटना है साथ ही हाजिरी लगाने के नाम पर फिजूल समय बर्बाद हो रहा है। इन सफाई कर्मियों की हालत है कि इनको ना तो वेतन के नाम पर पर्याप्त पैसा मिलता है ना स्थाई किया जा रहा है। तंगहाली ली में जीवन गुजरने को मजबूर हैं। काम पर हाजिरी लगाना के नाम पर सुबह 6:00 बजे नगर पालिका परिसर में बुलाया जाता है। अपने-अपने निवास से डेढ़ 2 किलोमीटर पैदल चलकर यह लोग हाजरी लगाने पूछते हैं। यहां से फिर पांव भेजो शहर के विभिन्न वार्डों में सफाई व्यवस्था में पहुंचते हैं। इस व्यवस्था में लगभग एक घंटा लग जाता है। 2 घंटे काम करते हैं और 9:00 बजे फिर हाजिरी के नाम पर बुलाया जाता है। इसी प्रकार दोपहर में 2:00 बजे फिर हाजिरी लगाने मिर्ची बाजार जाना पड़ता है। वार्ड में कुछ काम किया नहीं और फिर शाम को फिर 5 बजे हाजिरी के नाम का नाटक नगर पालिका परिसर में शुरू होता है। हाजिरी के नाम पर रोजाना सफाई कर्मियों को तीन साढे तीन घंटे बर्बाद करने पड़ते हैं। लोगों को कोई वाहन सुविधा भी नहीं है हाजिरी लगाने के आने जाने के लिए। अनावश्यक समय बर्बाद हो रहा है। सुबह 5 बजे से मेहनतकशो की दिनचर्या शुरू होती है, घर जाते शाम के 7:00 बज जाते हैं।
महंगाई के युग में वेतन कम इतनी मेहनत करने के बाद तनख्वाह के नाम पर मात्र लगभग 10हजार। वह भी उन सफाई कर्मियों को मिलता है जिनके 15 -20 साल का सेवा कार्य हो गया है। इस राशि में से भी बीमा पीएफ कट जाता है। सिर्फ 8 हजार हाथ में आते हैं। इतनी कम राशि में महंगाई के युग में कैसे घर चलाया जाए। इन लोगों की परेशानी पर कोई आवाज भी नहीं उठाता। यदि इन लोगों को इस प्रकार के तुगलकी निर्णय से छुटकारा नहीं मिला और स्थाई नहीं किया गया था पहले ज्ञापन दिया जाएगा उसके बाद में आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी।,,,
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा
राष्ट्रीय अध्यक्ष,, श्रीमती हेमलता तोमर
महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष
मप्र युवा शिवसेना गोरक्षा न्यास
