india24x7todaynews।। संपादक राजु गुप्ता।।नागदा जंक्शन में काफी अर्से से नागदा नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर जहां एक ओर भाजपा के 12 नाराज है वहीं कांग्रेस के पार्षदों ने भी तीखे तेवर अपना रखे हैं । खेमेबाजी के इस खेल के चलते विकाश के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं । नपा के अधिकारीगण भी परिषद के लोगो की गुटबाजी के कारण परेशान इस बात को लेकर हे की वह किसकी बात माने और किसकी नहीं। नपा के गलियारे में खेमेबजी के चलते। ” दो पाटन के बीच साबुत बचा ना कोय ” की कहावत चरितार्थ होती दिखाई दे रही हैं ।
नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म
उच्च न्यायालय इंदौर में प्रस्तुत याचिका को लेकर लेकर जिस तरह की कवायदे चल रही हैं । उसको लेकर भी नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद कलेक्टर ने परिषद का सम्मेलन आहुत करने का जो नोटिस जारी किया था । उसकी भी समय सीमा समाप्त होने के बाद कांग्रेस पार्षद को ओर से गुरुवार को इंदौर हाई कोर्ट में कोर्ड ऑफ कंडम ( न्यायालय के आदेश का पालन ) नहीं कराए जाने को लेकर दस्तक दी हैं । समाचार लिखे जाने तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई हैं । किंतु यह तो तय है कि नपा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के विरूद अविश्वास प्रस्ताव देर सवेर आने को है । अविश्वास को लेकर सत्ता के गलियारे में शह और मात का खेल पर्दे के पीछे से शुरू हो गया हैं । अविश्वास प्रस्ताव से अध्यक्ष को कैसे बचाया जाए कि लेकर साम – दाम – दंड भेद की रणनीतियां भी बनने लगी ?
नपा के गलियारों में खासी चर्चा का बना हुआ विषय
जो नपा के गलियारों में खासी चर्चा का विषय बना हुआ हैं । 56 ब्लॉक के कतिपय नीतिकार ने भाजपा के उन पार्षदों से वन – टू – वन चर्चा कर अपनी रणनीति पर काम करना आरंभ कर दिया है । कुलमिलाकर नपा के गलियारों में सियासी खेल परवान चढ़ा हुआ हैं
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