india24x7todaynews||दिनांक 14 सितम्बर 2025 को श्रीजी हॉस्पिटल, नागदा के संचालक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल दुबे तथा अस्पताल स्टाफ के साथ उपचार के दौरान मरीज के परिजन द्वारा थप्पड़ मारने एवं अभद्र व्यवहार जैसी गंभीर घटना घटित हुई थी।
दुर्भाग्यवश, इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा केवल सामान्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया, जबकि यह प्रकरण मध्यप्रदेश मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2008 के अंतर्गत दर्ज किया जाना चाहिए था, जिसमें गैर-जमानती धाराएँ लागू होती हैं।
इसी अन्याय के विरोध स्वरूप आज दिनांक 16/09/2025 को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), केमिस्ट एवं ड्रग एसोसिएशन, लायंस क्लब, कायाकल्प तेरापी संघ, आयुष डॉक्टर एसोसिएशन, सर्व ब्राह्मण महासभा, सर्व महिला मंडल, व्यापारी महासंघ एवं अन्य कई सामाजिक संगठनों ने मिलकर एस.डी.एम. कार्यालय नागदा में एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन की मुख्य मांगें:
1. आरोपी पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट 2008 के अंतर्गत गैर-जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
2. आरोपी की जमानत रद्द की जाए।
3. भविष्य में किसी भी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी पर इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त नजीर पेश की जाए।
इस अवसर पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. जी.एस. साहनी, सचिव डॉ. सुनील कुमार चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुंदरलाल जोशी, डॉ. एस.आर. चावला, डॉ. हिमांशु दत्त पांडे, डॉ. शुभम पाटीदार, डॉ. कैलाश शर्मा, डॉ. प्रदीप रावल, केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष अंकित सेठिया, व्यापारी महासंघ संरक्षक हनुमान प्रसाद शर्मा, कायाकल्प तेरापी संघ से योगेश शुक्ला, समाजसेवी कमल जैन एवं गोविंदलाल मोहता, अभिभाषक संघ से राजेश तिवारी, सर्व महिला मंडल की ज्योति शर्मा एवं पायल ओझा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, समाजसेवी, व्यापारी व संगठन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन विनय राज शर्मा द्वारा किया गया।

ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस आयुक्त उज्जैन, जिलाधीश उज्जैन, पुलिस अधीक्षक उज्जैन एवं नगर पुलिस अधीक्षक नागदा को भी प्रेषित की गई।
संपूर्ण नागदा समाज ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा सेवा में लगे किसी भी डॉक्टर या स्टाफ पर हमला केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि समाज व मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध है। इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा
