india24x7todaynews।। संपादक राजु गुप्ता।।– नागदा में कई रासायनिक उद्योग स्थापित है और इस बात की भी कई बार पुष्टि हो चुकी है कि इन रासायनिक उद्योगों का पानी कहीं ना कहीं चंबल नदी में मिलता है तो ऐसे में नगर पालिका की प्रमुख जवाबदारी बनती है कि जो पानी चंबल नदी से नागदा की जनता को सप्लाई किया जा रहा है उसकी प्रतिदिन लेबोरेटरी में जांच की जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस पानी में रसायन तो नहीं है। लेकिन नागदा नगर पालिका ने 251 दिन शहर को बगैर लैब टेस्ट करें पानी सप्लाई किया जो जनता की सेहत के साथ सीधा-सीधा खिलवाड़ है नागदा में लगातार जल जनित बीमारियां आम जनता को हो रही है यह बात रविवार 12 अक्टुबर को स्वच्छ पानी की मांग को लेकर हो रहे गैर राजनितिक अभियान के संयोजक बसंत मालपानी ने कहते हुए थाना प्रभारी नागदा को आवेदन देकर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। आवेदन पत्र का वाचन निशा चौहान ने किया।
आवेदन में बताया कि
नगर पालिका परिषद नागदा के सीएमओ द्वारा न्यायालय माननीय अनुविभागीय दंडाधिकारी नागदा के प्रकरण क्रमांक 141/2025 दि. 19/09/25 के पैरा क्रमांक 3 में स्वीकार किया है कि विगत दिनांक 03/09/25 से 10/09/25 तक हुई अत्यधिक वर्षा के कारण नदी का जल प्रभावित हुआ था। इसलिये मटमैला पानी नगर में प्रदाय किया गया था। जो कि अपने आप में एक अपराध है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ सीधा-सीधा खिलवाड है। नगर पालिका परिषद के पास बारिश का मटमैला पानी साफ कर जनता को प्रदाय करने की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि शासन द्वारा नगर पालिका के सीएमओ एवं सभी अधीनस्थ जलप्रदाय विभाग के कर्मचारियों को जनता को शुद्ध जल प्रदाय का निर्देश दिया है। पिछले कई वर्षो से लगातार सेटल टेंक नहीं बनाने से मटमैला व अशुद्ध पानी जनता को प्रदाय किया जा रहा है। सेटल टेंक के निर्माण की जवाबदारी सम्पूर्ण परिषद, सीएमओ एवं अधीक्षण यंत्री की है। नगर पालिका परिषद द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जो निर्देश दिये गये है उन निर्देशो के अनुसार पानी का शोधन नहीं किया जाता हैं। पिछले कई वर्षो से पानी के शोधन की जांच के लिये केमिस्ट नहीं है। बिना जांच के पानी का प्रदाय किया जाना व अपने पत्र में शुद्ध पानी प्रदाय किया जाना लिखा जा रहा है। नगर पालिका में ऐसे कोई केमिस्ट की व्यवस्था नहीं है जो कि विधिवत एलम, ब्लीचिंग व क्लोरीन का उपयोग कर शुद्ध पानी का जनता को प्रदाय किया जा सके। जो भी पानी प्रदाय किया जा रहा है वह अप्रशिक्षित व अयोग्य लोगो के द्वारा किया जा रहा है। जिससे कि जनता के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड रहा है। कई व्यक्तियों को जानलेवा बिमारी हो चुकी है। नगर पालिका अधिनियम एवं शासन के नियम अनुसार जनता को शुद्ध जल प्रदाय करने जवाबदारी सीएमओ की है। जिन्होंने अपनी जवाबदारी में लापरवाही बरती हैं और बिना जांच के व बिना उचित शोधन के मटमैला जल व अशुद्ध जल जनता को प्रदाय किया। जोकि अपराध की परिधि में आता है। सुचना के अधिकार के अंतर्गत जब जानकारी मांगी गई तो पता चला कि 253 दिन में से 251 दिन के जल प्रदाय का कोई परीक्षण नहीं कराया गया मात्र 2 दिन ही परीक्षण के बाद जल प्रदाय कराया गया।
यह थे उपस्थित
इस मौके पर कैलाश सनोलिया, अभय चोपड़ा, भूपेंद्र सिंह राणावत, बकुलेश ओरा, राजकुमार गुर्जर, आनंद गोठरवाल, राजेंद्र चौहान, रानी शेख, मनोहर चौहान, सत्यनारायण उपाध्याय, जुम्मन खा, चेतन नामदेव, दिलीप फतरोड, शेख साहिल, मुकेश अहिरवार, हितेंद्र शुक्ला, हीरालाल मरमट, लोकुमल खत्री, हिमांशु शर्मा, नरेंद्र सिंह देवड़ा, संजय सिंह तोमर, रामतारा शर्मा, कमला कुमावत, गुड्डी बारिया, राजकुमारी रघवंशी, कमला मकवाना, पूजा रघुवंशी, साधना परमार, दिपिका रघुवंशी, सुनिता गौड, रानी गौड, श्याम कुंवर सहित नागरिक उपस्थित थे।
