india24x7todaynews।। संपादक राजु गुप्ता।। स्वामी विवेकानन्द महाविद्यालय के पूर्व तथा शासकीय कन्या महाविद्यालय के वर्तमान जनभागीदारी अध्यक्ष जितेन्द्र कुशवाह पर शनिवार को गंभीर आरोप लगे हैं। यह गंभीर आरोप शेषशायी महाविद्यालय प्रबंधक द्वारा ली गई प्रेसवार्ता में लगे हैं। प्रेसवार्ता को प्रबंधक धर्मेन्द्र गुप्ता, डीके शर्मा, अग्रोहा शिक्षा समिति के सदस्य राजेश शर्मा ने संबोधित किया। गौरतलब है कि शेषशायी कॉलेज के समीप संचालित होने वाले वर्धमान कॉलेज को लेकर अग्रवाल समाज के कतिपय लोगों व कॉलेज समिति के बीच कोई विवाद चल रहा है। यह मामला पुलिस थाने व न्यायालय में भी पहुॅंचा है। इसी मामले को लेकर शनिवार को प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी जिसमें बताया गया कि इस पुरे मामले को विवादित करने वाले जितेन्द्र कुशवाह हैं। ज्ञात रहे कि जितेन्द्र कुशवाह पूर्व में शेषशायी महाविद्यालय से जुडे हुए थे। बाद में शेषशायी महाविद्यालय के धर्मेन्द्र गुप्ता व जितेन्द्र कुशवाह के बीच विवाद हुआ जिसके बाद कुशवाह अलग हो गए।
3 लाख 15 हजार लेकर हुए अलग
प्रेसवार्ता में गुप्ता ने बताया कि शेषशायी महाविद्यालय में किसी समय जितेन्द्र कुशवाह कर्मचारी था, उसने अपने कार्यकाल के दौरान छात्रवृत्ति मामले में गडबडी करने से जुडे प्रमाण भी दिखाते हुए और स्वयं ने ही छात्रवृत्ति विभाग में शिकायत की थी जिसकी जांच हुई थी और उसकी रिर्पोट 3 जुलाई 2006 में आई थी। रिर्पोट में यह आया था कि जितेन्द्र कुशवाह ने स्वयं ही फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति के कागज तैयार किए थे। इस शिकायत के पूर्व ही जितेन्द्र कुशवाह ने शेषशायी महाविद्यालय से अलग होने के लिए 3 लाख 15 हजार रूपये धर्मेन्द्र गुप्ता से लिए थे जिसका बकायदा अनुबंध भी हुआ और यह नोटरी 7 अक्टूंबर 2005 में हुई थी। दोनों पक्षों के मध्य अनुबंध में यह शर्त तय हुई थी यह राशि लेने के बाद महाविद्यालय से कुशवाह का कोई लेना-देना नहीं होगा तथा भविष्य में महाविद्यालय एवं संस्था को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुॅंचाऐगा तथा महाविद्यालय के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। इस पुरे मामले की जांच के उपरांत जिला संयोजिका ने कुशवाह के विरूद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की बात भी कही थी, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के चलते कुशवाह उस समय बच निकला था।
गुप्ता का कहना था कि
राशि लेने के बाद भी कुशवाह ने कई बार महाविद्यालय की झुठी शिकायत की और महाविद्यालय बंद करने का प्रयास किया। जब उन्हें शेषशायी महाविद्यालय में सफलता नहीं मिली तो वे अब वर्धमान कॉलेज की शिकायत करने लगे हैं। जबकि वर्धमान कॉलेज का संचालन अन्य स्थान पर अन्य समिति द्वारा किया जा रहा था। वर्धमान कॉलेज अग्रोहा शिक्षण समिति द्वारा समिति के भवन में संचालित हैं, लेकिन कुशवाह ने अग्रवाल समाज के कुछ लोगों को बरगला कर उनसे झुठी शिकायतें करवा कर महाविद्यालय को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, प्रेसवार्ता में यह भी बताया कि जितेन्द्र कुशवाह हमेशा विवादों में रहा है, कन्या महाविद्यालय में भी वहॉं के कर्मचारी से विवाद करता था, जिसकी शिकायत कर्मचारियों द्वारा उच्च अधिकारियों को की गई। कुशवाह विक्रम विश्वविद्यालय व उच्च शिक्षा विभाग में अपने आप को क्षेत्र के जनप्रतिनिधि का खास समर्थक बता कर रौब दिखाता व डराता धमकाता है। गुप्ता का यह भी कहना था कि कुशवाह द्वारा कई बार उनसे रूपयों की मांग की गई तथा ब्लेकमेल किया गया साथ ही धमकी दी गई कि उन्हें राजनीतिक दबाव के चलते झुठे प्रकरण में फंसा देगा।
जनप्रतिनिधियों से अपील
प्रेसवार्ता को अग्रोहा शिक्षा समिति के सदस्य डीके शर्मा एवं राजेश शर्मा ने संबोधित करते हुए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर निराकरण कराऐं। चुंकि बार-बार झुठी शिकायत करने व वर्धमान महाविद्यालय भवन का ताला नहीं खोलने से लगभग 450 विद्यार्थीयों के भविष्य पर असर पड रहा है। यदि शीघ्र ही इस प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय में जा सकता है।
