india24x7today।। संपादक राजु गुप्ता।।नागदा शहर में बायपास क्षेत्र अब केवल एक यातायात मार्ग नहीं, बल्कि चर्चाओं का केंद्र बनता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में खुले कई **स्पा सेंटरों की आड़ में अनैतिक कार्यों का धंधा** तेजी से पनप रहा है। स्थानीय लोगों ने लंबे समय से इस पर आपत्ति जताई, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि **इन अवैध गतिविधियों को कथित रूप से कुछ प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण** प्राप्त है। यह संदेह और गहरा हो जाता है जब शिकायतों के बावजूद **प्रशासनिक अमला—चाहे वह पुलिस हो या एसडीएम कार्यालय—सिर्फ दिखावटी जांच कर कार्यवाही को टाल देता है**।
### **स्पा सेंटर या देह व्यापार का अड्डा?**
स्थानीय रहवासियों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि शहर के बायपास क्षेत्र में संचालित कई तथाकथित स्पा सेंटरों में ग्राहक को ‘मालिश सेवा’ के नाम पर **अनैतिक और गैरकानूनी गतिविधियां** परोसी जा रही हैं।
इनमें से कई सेंटर रात्रि के समय भी खुले रहते हैं, जो कि सामान्य नियमों का उल्लंघन है।
### **मौन क्यों है प्रशासन?**
* **नगरजन यह सवाल उठा रहे हैं कि जब इन गतिविधियों की सूचना आमजन तक है, तो पुलिस और प्रशासन को क्यों नहीं?**
* जानकारी मिली है कि **कुछ प्रभावशाली स्थानीय नेता**, जिनमें स्वयं को ‘ईमानदार’ घोषित करने वाले भी शामिल हैं, इन गतिविधियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दे रहे हैं।
* कई बार देखा गया है कि **मीडिया कवरेज के बाद भी जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है**, और फिर वही गतिविधियां पहले से अधिक खुलेआम शुरू हो जाती हैं।
### **जनता की आवाज दबाई जा रही है?**
बायपास क्षेत्र के रहवासी बताते हैं कि जब उन्होंने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, तो उन्हें या तो नजरअंदाज किया गया या डराया-धमकाया गया।
**”अगर आम नागरिक आवाज उठाता है तो उस पर सवाल उठते हैं, लेकिन स्पा सेंटरों में रात-दिन चल रहे इस गोरखधंधे पर कोई कार्रवाई नहीं होती”**, एक स्थानीय नागरिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
### **प्रश्न जो जवाब मांगते हैं:**
1. क्या स्पा सेंटर चलाने के लिए नियमों के अनुरूप लाइसेंस प्राप्त किया गया है?
2. रात 8 बजे के बाद खुले रहने वाले स्पा किस कानून के तहत संचालित हो रहे हैं?
3. क्या नगर निगम और पुलिस द्वारा समय-समय पर इनकी जांच की जा रही है?
4. जब शिकायतें बार-बार आ रही हैं तो क्या वजह है कि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है?
### **क्या प्रशासन जागेगा?**
नागदा जैसे शांत शहर की छवि को दागदार करने वाला यह गोरखधंधा अगर समय रहते रोका नहीं गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
**प्रशासन को चाहिए कि वह ‘मौन’ की बजाय ‘कर्म’ को अपनाए** और निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करे।
